﻿"कहो, ""मैं शरण लेता हूँ मनुष्यों के रब की"
मनुष्यों के सम्राट की
मनुष्यों के उपास्य की
"वसवसा डालनेवाले, खिसक जानेवाले की बुराई से"
जो मनुष्यों के सीनों में वसवसा डालता हैं
जो जिन्नों में से भी होता हैं और मनुष्यों में से भी
